राष्ट्रपति के साथ जबलपुर में सामूहिक योग
अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर 21 जून को जबलपुर में राष्ट्रपति ने योग सत्र में भाग लिया। इस वर्ष का विषय स्वस्थ उम्र बढ़ने के लिए योग रहा।
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अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर 21 जून को जबलपुर में राष्ट्रपति ने योग सत्र में भाग लिया। इस वर्ष का विषय स्वस्थ उम्र बढ़ने के लिए योग रहा।
सुहनिया मरावी ने समूह से ऋण लेकर ट्रैक्टर और थ्रेशर का काम शुरू किया। अप्रैल 2026 का सरकारी विवरण उन्हें बैगाचक किसान उत्पादक संगठन में महिला किसानों से जुड़े काम की जिम्मेदारी मिलने की बात भी बताता है।
मध्य प्रदेश के भरहुत स्तूप की लाल बलुआ पत्थर की रेलिंग और पूर्वी तोरण आज कोलकाता के भारतीय संग्रहालय की गैलरी में हैं। उनके शिल्प में जातक कथाएँ, बुद्ध के जीवन-प्रसंग और लोक-आकृतियाँ साथ दिखाई देती हैं।
5 जून 2026 को विश्व पर्यावरण दिवस पर उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने भोपाल के महाराणा प्रताप मंडल की आरोग्य वाटिका में ‘एक पेड़ माँ के नाम’ के तहत पौधरोपण किया। उन्होंने स्वच्छ वायु, जल और जैव विविधता का संकल्प दोहराया। यह एक स्थल का कार्यक्रम है; प्रदेश के हर पौधे की गिनती नहीं।
1 जून 2026, मालवांचल यूनिवर्सिटी, नेमावर रोड, इंदौर। आयुष मंत्रालय की योग महोत्सव–काउंटडाउन श्रृंखला। प्राचार्य श्रीमती रेशमा खुराना: 11 ज़ोन में एक साथ; मालवांचल, अमलतास एवं इंडेक्स के 35 हज़ार से अधिक छात्र-छात्राएँ। पद्मश्री डॉ. एच.आर. नागेन्द्र (पाठ में एस.आर. भी), मंत्री श्री इंदरसिंह परमार, श्री कैलाश विजयवर्गीय, श्री तुलसीराम सिलावट भी मैट पर। विजयवर्गीय ने श्री भदोरिया को “योग का विश्व रिकॉर्ड बनने पर” प्रमाण-पत्र भेंट किया। योग डेस्क रजिस्ट्री का नाम नहीं जोड़ती। आसन दवा नहीं।
12 अगस्त 2026। क्षेत्र संचालक श्री अनुपम सहाय: बांधवगढ़ और आसपास के लैंडस्केप में करीब 50 से 70 जंगली हाथी—अनुमान, एक रेंज की स्थायी गिनती नहीं। अक्टूबर 2018 से नियमित उपस्थिति; संजय गांधी से कॉरिडोर। शहडोल उत्तर की डीएफओ श्रीमती तरुणा वर्मा: पश्चिमी ब्यौहारी में करीब 25 का दल डेढ़ वर्ष से। स्टेटस ऑफ एलिफेंट इन इंडिया 2021-25: मध्यप्रदेश 97, देश की पहली डीएनए आधारित गणना। विज्ञप्ति: 1925 तक प्रदेश में संख्या शून्य। भारत 22,486—कर्नाटक सबसे अधिक।
2025 के आंकड़े दिखाते हैं कि तेंदूपत्ता संग्रह में ग्राम सभाओं और सहकारी ढांचे की भूमिकाएं साथ-साथ चलती हैं, जबकि भोपाल का प्रसंस्करण केंद्र वन उपज को तैयार उत्पाद में बदलता है।
इंदौर के लाइट हाउस प्रोजेक्ट में ईंटों की चिनाई की जगह पहले से बने पैनल और स्टील का ढाँचा इस्तेमाल हुआ। अक्टूबर 2023 में उद्घाटित परियोजना से इस निर्माण विधि को समझिए।